- कामदेव लव वशीकचूँकि कामदेव प्रेम, सौन्दर्य और आकर्षण के देवता हैं, इसलिए तंत्र साधना में उनकी उपासना का बहुत महत्व है. तंत्र साधना में किसी व्यक्ति को सम्मोहित करने या उसे वश में करने के लिए कामदेव बहुत ही काम आते हैं.कामदेव वशीकरण मंत्र की सहायता से किसी भी व्यक्ति को सम्मोहित किया जा सकता है. अगर आप किसी व्यक्ति के प्यार में पड़ गए हैं. लेकिन आप उसे मना नही पा रहे हैं तो कामदेव वशीकरण मंत्र का जाप आपको आशा के अनुरूप परिणाम दिला सकता है.कामदेव वशीकरण मंत्र बहुत ही चमत्कारिक है और इसका जाप करना का कोई नकारात्मक असर भी नही होता है. कामदेव वशीकरण मंत्र से किसी को वश में करने का उपाय:ॐ नमः काम–देवाय। सहकल सहद्रश सहमसह लिए वन्हे धुनन जनममदर्शनं उत्कण्ठितं कुरु कुरु, दक्ष दक्षु–धर कुसुम–वाणेन हन हन स्वाहा||ऊपर दिए गए मंत्र का जाप 21000 बार करें. ऐसा करने पर ये कामदेव बीज मंत्र सिद्ध हो जायेगा. मंत्र उच्चारण समाप्त करने के बाद हवन करें. उसके बाद तर्पण और मार्जन करें. आखिर में आपको ब्राह्मण को भोजन करना चाहिए. इस मंत्र के अच्छे लाभ के लिए सुबह नहाने के बाद इस मंत्र का माला जाप करें.जिस व्यक्ति को आप अपने वश में करना चाहते हैं उसके लिए खाने में कामदेव वशीकरण मंत्र से अभिमंत्रित कोई वस्तु जैसे फल, फूल आदि मिला दें. जब वह व्यक्ति आपके द्वारा अभिमंत्रित खाना खायेगा तो वह आपके वश में आने लगेगा.ये कामदेव मंत्र प्रयोग बड़े मनोयोग और आत्मविश्वास के साथ करें. ऐसा करने पर आपको आश्चर्यजनक परिणाम देखने को मिलेंगे.इस कामदेव वशीकरण मंत्र के प्रयोग से आप अपने शत्रु को भी नियंत्रण में रख सकते हैं. इसके लिए आपको इस मंत्र को प्रतिदिन 6000 बार जाप करना होगा.कामदेव वशीकरण मंत्र का प्रयोग आप कर आप अपने कामों को आसानी से सिद्ध कर सकते हैं. नीचे दी गयी समस्याओं के निदान में ये मन्त्र काफी कारगर सिद्ध हुआ है.अपने प्यार को आने के लिए – अगर आप किसी व्यक्ति से प्यार करते हैं, तो आपके लिए उसकी अवहेलना को सहना बड़ा मुश्किल होता है. अगर आपकी तरफ़ से हर तरह का प्रयास करने के बाद भी आप अपने प्यार को नही प्राप्त कर पाए तो आप कामदेव बीज मंत्र या कामदेव वशीकरण मंत्र का प्रयोग ज़रूर करें.दाम्पत्य जीवन को मधुर बनाने के लिए – अगर पति-पत्नी के बीच प्यार की कमी हो जाती है तो घर की सुख शांति छिन जाती है. ऐसे में आप इस कामदेव मंत्र फॉर लव से आपने जीवन में फिर से प्रेम की वर्षा कर सकते हैं. याद रहे कामदेव ही तो प्रेम और वासना के देवता हैं. आपके थोड़े से प्रयास से ही आपको काफी अच्छा परिणाम प्राप्त होने लगेगा.अपने व्यक्तित्व में आकर्षण पैदा करने के लिए – कामदेव का स्वरूप ही मोहित और आकर्षित करने वाला है. इसलिए जो भी व्यक्ति अपने व्यक्तित्व में आकर्षण पैदा करना चाहता है उसे कामदेव की उपासना करनी चाहिए.गृह-कलेश दूर करने के लिए- गृह कलेश तब होता है जब घर के सदस्य एक दूसरे की बात नही सुनते. अगर कामदेव मंत्र का उच्चारण नियमित रूप से किया जाता है तो घर से अशांति बाहर चली जाती है.शत्रु पर विजय पाने के लिए – अगर आपके शत्रु आपके मार्ग में बाधा डाल रहे हैं तो आप कामदेव वशीकरण मंत्र की सहायता से उन पर विजय प्राप्त कर सकते हैं.अपने प्यार को पाने या प्रेमी अपने प्रेमी को अपनी ओर आकर्षित करने के लिए क्लीं मंत्र का प्रयोग भी काफी उपयोगी होता है. क्लीं मन्त्र इस प्रकार है –“ॐ नमो भगवते कामदेवाय यस्य यस्य द्रश्यो भवामि यश्रा यश्र मम मुखम पछ्यती तत मोहयतु स्वाहा”इस मन्त्र को सुबह और शाम को नियमित रूप से 108 बार उच्चारित करें. इस मंत्र से आशाजनक परिणाम प्राप्त करने के लिए लगातार 21 दिन तक इसका जाप करें.कामदेव मंत्र साधना अपने आप में ही बहुत महत्पूर्ण है. पौराणिक कथाओं के अनुसार जब महादेव की पत्नी सती बिना आमंत्रण के अपने पिता द्वारा आयोजित यज्ञ में चली गयीं तो वहां पर उनका और महादेव का बहुत अपमान किया गया. इसके क्रोधित हो कर सती ने अग्नि में आत्मदाह कर लिया.भगवान महादेव इस घटना से बहुत आहत हुए और उन्होंने प्रगाड़ तप साधना में ख़ुद को लीन कर लिया. ऐसी स्थिति में कामदेव ने ही अपने अद्भुत आकर्षण और मोहिनी शक्ति का प्रयोग कर महादेव के मन में माता पार्वती के प्रति आकर्षण और प्रेम विकसित किया.जिस पश्चिमी संस्कृति के लोग क्यूपिड को प्रेम और वासना का देवता मानते हैं उसी प्रकार हमारे देश में कामदेव प्रेम और सौन्दर्य के देवता के रूप में पूजे जाते हैं. इन सबसे अलग यूनान में इरोस को प्रेम का देवता माना जाता है.कामदेव वशीकरण मंत्र का प्रयोग स्त्री पुरुष दोनों के लिए सामान रूप से उपयोगी होता है. इस मन्त्र के तत्काल और स्थायी असर के लिए पूरी लगन और ईमानदारी से इसे करें. अगर आपका प्यार सच्चा होता है तो ये एक चुम्बकीय प्रभाव उत्पन्न करता है और इस मंत्र का असर कई गुना बढ़ जाता है.कामदेव मंत्र फॉर अट्रैक्शन मतलब होता है आकर्षण के लिए कामदेव मंत्र का प्रयोग. इस मन्त्र को सिद्ध करने के बाद आप अपने व्यक्तिव में एक अगर ही चुम्बकीय प्रभाव देखेंगे. अगर आप इस कामदेव मन्त्र का प्रयोग नियमित रूप से करते हैं तो ये अपना स्थायी प्रभाव आपके व्यक्तिव पर छोड़ देता है.कामदेव वशीकरण मंत्र के साथ अगर शाबर मन्त्र का भी प्रयोग किया जाता है तो इस मन्त्र की शक्ति कई गुना बढ़ जाती है.जो लोग किसी प्यार की समस्या या किसी अन्य दाम्पत्य समस्या से परेशान रहते हैं या रिश्तों में कड़वाहट आ गयी है उनके लिए कामदेव वशीकरण मंत्र बहुत ही उपयोगी सिद्ध होता है. कामदेव वशीकरण का सार यही है कि आप इसकी साधना और जाप बड़े धैर्य और विश्वास से करें. आपको आपकी मनोकामना के अनुसार फल अवश्य मिलेगा.रण मंत्र
सोमवार, 1 जनवरी 2018
कामदेव लव वशीकरण मंत्र
प्रेम विवाह करने के टोटके
शास्त्रों में क्या है प्रेम विवाह का महत्व
हिंदू धर्म में 8 प्रकार के विवाह का विधान है जिसमें ब्रह्मा विवाह को सर्वश्रेष्ठ माना जाता है और पैशाच विवाह को सबसे नीचे की श्रेणी में रखा गया है। शास्त्रों के अनुसार गंधर्व विवाह को ही प्रेम विवाह कहा गया है। गंधर्व विवाह के अंतर्गत स्त्री और पुरुष अपनी मर्जी और अपनी पसंद से एक दूसरे से विवाह करते हैं।
किसका होता है प्रेम विवाह
ज्योतिषशास्त्र के अनुसार किसी व्यक्ति का प्रेम विवाह होगा या नहीं ये उसकी कुंडली से ज्ञात किया जा सकता है। कुंडली में विराजमान ग्रहों की स्थिति से यह पता लगाया जा सकता है कि उस व्यक्ति के जीवन में प्रेम विवाह का योग है या नहीं। तो आइए जानते हैं कि किस तरह कुंडली से प्रेम विवाह के योग के बारे में पता लगाया जा सकता है।
– ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कुंडली का सप्तम भाव विवाह का भाव होता है। यदि सप्तम भाव का संबंध कुंडली के तीसरे, पांचवे, नौंवे या बारहवें भाव से हो तो उस जातक का प्रेम विवाह होता है।
– लग्न स्थान के स्वामी और सप्तम भाव के स्वामी के बीच युति हो तो ऐसी स्थिति में जातक के प्रेम विवाह के योग बनते हैं।
– सौरमंडल के ग्रह गुरु और शुक्र विवाह के कारक ग्रह माने जाते हैं। लड़कियों की कुंडली में गुरु का पाप प्रभाव में होना और लड़के की कुंडली में शुक्र का पाप प्रभाव में होना प्रेम विवाह के योग का निर्माण करता है।
– इसके अलावा यदि लग्न भाव का स्वामी, पंचमेश के साथ युति कर रहा हो या दोनों का आपस में दृष्ट संबंध हो या राशि परिवर्तन हो तो उस जातक के प्रेम विवाह की संभावनाएं बढ़ जाती हैं।
– सप्तम या पंचम भाव या इन भावों के स्वामी पर राहु का प्रभाव हो या इन भावों का स्वामी तीसरे, पांचवें, सातवें, ग्यारहवें या बारहवें भाव में बैठा हो तो उस व्यक्ति का निश्चित ही प्रेम विवाह होता है।
– यदि कुंडली के नवम स्थान में धनु या मीन राशि हो या शनि या राहु की दृष्टि सप्तम, नवम या गुरु पर पड़ रही हो तो ऐसी स्थिति में उस जातक के प्रेम विवाह के योग बनते हैं।
– जिसकी कुंडली में सप्तम भाव में राहु के साथ मंगल हो तो उसका प्रेम विवाह संभव है।
– यदि लग्न भाव में लग्नेश के साथ चंद्रमा बैठा हो तो उस व्यक्ति का प्रेम विवाह होता है। वहीं सप्तम भाव में सप्तमेश के साथ चंद्रमा विराजमान हो तो भी उस जातक के प्रेम विवाह के योग बनते हैं।
– शुक्र ग्रह, प्रेम का प्रतीक है और गुरु विवाह का कारक है। कुंडली में इन दो ग्रहों की स्थिति और दशा पर भी प्रेम विवाह निर्भर करता है।
ये हमने बताया कि कुंडली में ग्रहों की कैसी स्थिति में प्रेम विवाह के योग बनते हैं। अब हम आपको बताते हैं कि प्रेम विवाह के इच्छुक जातकों को अपनी राह में आ रही समस्याओं को दूर करने के लिए क्या उपाय करने चाहिए। यदि आप प्रेम विवाह करना चाहते हैं लेकिन आपको परिवार की अनुमति नहीं मिल रही है या अन्य कोई समस्या आपके प्रेम विवाह के बीच आ रही है तो ये उपाय इस काम को पूरा करने में आपकी मदद कर सकते हैं। जानिए प्रेम विवाह के उपाय -:
– प्रेम का प्रतीक हैं भगवान कृष्ण। आपने अगर उन्हें प्रसन्न कर लिया तो समझो आपके प्रेम विवाह की सारी मुश्किलें ही दूर हो गईं। भगवान कृष्ण को प्रसन्न करने के लिए किसी कृष्ण मंदिर में भगवान कृष्ण को पान और बांसुरी भेंट करें।
– यदि किसी के प्रेम विवाह में रुकावटें आ रहीं है तो वह व्यक्ति मां दुर्गा की उपासना करे। मां दुर्गा के मंदिर में लाल रंग की ध्वजा चढ़ाएं। इस उपाय को करने से आपको अवश्य ही लाभ होगा।
– अगर आप प्रेम विवाह के इच्छुक हैं तो आप भगवान शिव के स्वरूप शिवलिंग का शहद से रुद्राभिषेक करें। भगवान शिव की कृपा से आपको मनचाहा जीवनसाथी अवश्य मिलेगा।
– दांपत्य सुख के प्रतीक भगवान शिव और माता पार्वती के पूजन से भी विवाह में आ रही सभी बाधाएं दूर होती हैं। नियमित रूप से मंदिर जाकर शिव-पार्वती की आराधना करें।
– गुरु विवाह का कारक हैं तो उन्हें भी प्रसन्न करने से आपके विवाह में आ रहीं सभी बाधाएं दूर होती हैं।
प्रेम विवाह के लिए करें इन मंत्रों का जाप
– जो पुरुष प्रेम विवाह करना चाहते हैं वे श्रीकृष्ण के “क्लीं कृष्णाय गोविंदाय गोपीजनवल्लभाय स्वाहा” मंत्र का रोज़ 108 बार जाप करें। इस उपाय से अवश्य ही आपको लाभ होगा।
– शुक्ल पक्ष के किसी भी गुरुवार को भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की मूर्ति के आगे स्फटिक की माला से ‘ऊँ लक्ष्मी नारायणाय नमः’ का रोज़ 108 बार जाप करें। आपको इस उपाय को लगातार तीन महीने तक करना है।
– अपने प्रेमी का स्मरण करते हुए ‘ॐ क्लीं कृष्णाय गोपीजन वल्लभाय स्वाहा:’ मंत्र का 108 बार जाप करें। इस मंत्र का जाप करने के साथ ही श्रीकृष्ण की आराधना भी करें। शुक्रवार के दिन राधाकृष्ण की मूर्ति के आगे बैठकर ही इस मंत्र का जाप करें। तीन माह के अंदर ही प्रेम विवाह से जुड़ी आपकी सभी परेशानियां अवश्य ही दूर होंगीं। इस मंत्र के अलावा आप ‘केशवी केशवाराध्या किशोरी केशवस्तुता, रूद्र रूपा रूद्र मूर्ति: रूद्राणी रूद्र देवता’ मंत्र का जाप भी कर सकते हैं।
– अपने प्रेम विवाह में आ रही अड़चनों को दूर करने के लिए दूध में गंगाजल मिलाकर शिवलिंग का अभिषेक करें। शिवलिंग के समक्ष रुद्राक्ष की माला से भगवान शिव के चमत्कारिक मंत्र ‘ॐ सोमेश्वराय नमः’ का 108 बार जाप करें। भगवान शिव की कृपा से निश्चित ही आपके विवाह की सभी बाधाएं दूर होंगीं।
पति को सौतन से दूर करने का उपाय
इस वो तत्व ने यदि पति को प्रेमपाश में बांध लिया पत्नी उपेक्षिता परित्यक्ता जीवन जीने को मजबूर हो जाती है। पुराने जमाने में पतियों को एकाधिक पत्नी रखने की सामाजिक स्वीकृति प्राप्त थी। ये एकाधिक पत्नियां आपस में सौतनें कहलातीं थीं। परंतु आज के संदर्भ में यह कथमपि स्वीकार्य नहीं है। इसलिए अक्सर लोग विवाह तो नहीं करते परंतु परायी स्त्री को पत्नी का समस्त दर्जा अवश्य दे देते हैं। इसलिए इन्हें सौतन के समतुल्य ही माना जाएगा।
यदि आपके जीवन में भी ऐसी कोई सौतन है तो उससे छुटकारे के लिए ज्योतिष विद्या में अनेक उपाय दिए गए हैं। इन उपाय को दो श्रेणी में बांट सकते हैं-मोहन तथा उच्चाटन। अर्थात पहले चरण में पति को स्वयं के प्रति मोहित करने का उपाय करें तथा दूसरे चरण में सौतन का अपने पति से उचाट लगा दें।
सौतन से छुटकारा पाने के लिए उपाय
इस चरण में पति को स्वयं के प्रति आकर्षित करने के लिए निम्नलिखित प्रयोग किये जा सकते हैं –
1.शुक्रवार के दिन तीन इलायची लेकर अपने शरीर से स्पर्श करें तथा उसे अपने कपड़े में बांध लें। अगली सुबह अर्थात शनिवार के दिन उसे पीसकर चाय अथवा दूध में मिलाकर पिला दें।
2.गोरोचन में पका हुआ केला मिलाकर एक लेप तैयार करें और उसे अपने सिर तथा चेहरे पर लगाएं। चेहरे पर अलौकिक कांति आएगी।
3.साबूत पान के पत्ते पर चंदन तथा केसर का चूर्ण मिलाकर अपने मस्तक पर तिलक लगाएं तथा पति अथवा उनके चित्र के समक्ष जाएं। यह प्रयोग निरंतर 43 दिनों तक करें, तथा नित्य नया पान का पŸाा इस्तेमाल करें जो कहीं से कटा-फटा न हो। अंतिम दिन सभी प को एकत्र कर बहते हुए पानी में बहा दें। आप में सम्मोहक शक्ति आ जाएगी।
4.एक शहद की शीशी अपनी तथा अपने पति की छोटी सी तस्वीर डालकर उसे अपने तकिये के नीचे रखें।
5.शनिवार की रात, बारह बजे अपनी मुट्ठी में कुछ लौंग भर लें तथा इक्कीस बार स्पष्ट उच्चारण में अपने पति का नाम लें। जितनी बार पति का नाम लें उतनी बार मुट्ठी में दबे लौंग पर फूंक मारें। इसके बाद उसे जला दें। निरंतर आठ दिनों तक इस टोटके की प्रक्रिया जारी रखें आठवें दिन पति के व्यवहार में परिवर्तन स्वयमेव दिखने लगेगा।
6.पति को स्वयं के प्रति मोहित करने के लिए शुक्र मंत्र का जाप अचूक उपाय माना जाता है जो इस प्रकार है -श्ओम दां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नमःश्इ इस मंत्र का नियमित रूप से पाठ करने से पति आपके प्रति कामासक्त हो उठेगा।
7.शुक्ल पक्ष के गुरूवार को अपने घर के पूजा स्थल में लक्ष्मी-नारायण की प्रतिमा अथवा चित्र स्थापित करें। नित्य तीन माला तीन महीने तक श्ऊं लक्ष्मी नारायणाय नमःश् मंत्र का जाप करें। मंत्र जाप के अतिरिक्त प्रति गुरूवार लक्ष्मी-नारायण मंदिर में प्रसाद चढ़ाएं।
सौतन से छुटकारा पाने के लिए उपाय
उच्चाटन
पहले चरण में यदि सफलता न मिले तो दूसरे चरण के प्रयोग को अपनाना चाहिए। उच्चाटन की शास्त्र सम्मत विधियों के अतिरिक्त कुछ सरल टोटके भी आजमाए जा सकते हैं। यदि परायी स्त्री के साथ पति का जुड़ाव मात्र काम-वासना आधारित हो तो साधारणतया टोटकों से ही अभीष्ट सिद्धि हो जाती है। परंतु यह जुड़ाव भावनात्मक स्तर पर प्रबल हो तो उच्चाटन हेतु विधिवत अनुष्ठान आवश्यक है।
1.रजस्वला अवधि में मध्यरात्रि को पति के बाल का कुछ हिस्सा काट लें तथा उसे छुपाकर अपने पास रख लें। कुछ दिन पश्चात उसे जला दें तथा पैरों से रौंदकर उसे बाहर फेंक दें।
2.पति के अधोवस्त्र को जलाकर किसी चैराहे पर फेंककर, उसे पैरों से रौंद दें तथा वापस घर आ जाएं।
3.तीन अभिमंत्रित गोमती चक्र में सिंदूर लगांए तथा होलिका दहन वाली अग्नि में अपनी सौतन का नाम लेते हुए डाल दें।
4.अमावस्या के दिन दो पीले पीपल पत्ते अपने हाथों से तोड़ लाएं। एक पर काजल से अपने पति का नाम लिखें, तथा दूसरे पर सिंदूर से उनका नाम लिखें। जिस पत्ते पर काजल से नाम लिखा उसे पीपल के पेड़ के पास ही किसी पत्थर से दबा दें। जिस पत्ते पर सिंदूर से नाम लिखा हो उसे अपने घर के छत पर उल्टा करके रख दें तथा उसे भी एक पत्थर से दबा दें। अब जिस पेड़ से पत्ता तोड़ा हो उसे नित्य जल अर्पित करें तथा सौतन से छुटकारे के लिए प्रार्थना करें। कुछ दिन बाद आपके पति को उस लड़की/स्त्री से उचाट लग जाएगा और वे उससे पूरी तरह विमुख हो जाएंगे।
पति को परायी स्त्री/लड़की से दूर करने के लिए उच्चाटन अनुष्ठान
यह प्रयोग किसी माह के कृष्णपक्ष की अष्टमी को अथवा किसी भी शनिवार को रात्रि 11 बजे के पश्चात प्रारंभ करें। अपने समक्ष दुर्गा यंत्र स्थापित कर, लाल वस्त्र धारण कर लाल आसन पर दक्षिण दिशा की ओर मुंह कर बैठें। हाथ में जल लें तथा संकल्प करें -मैं अमुक साधिका अमुक स्त्री से अपने पति के प्रति उच्चाटन हेतु यह साधना कर रही हूं ताकि भविष्य में वह मुझे अथवा मेरे परिवार की सुख-शांति को किसी प्रकार क्षति न पहुंचा सके। माता दुर्गा आर्शीवाद दें। इस संकल्प के पश्चात जल भूमि पर छोड़ दें। संभव हो तो सौतन का चित्र सामने रखें। इसके बाद निम्नलिखत मंत्र का 51 माला जाप मूंगे की माला पर करें-
ॐ दुँ दुर्गायै अमुकं उच्चाटय उच्चाटय शीघ्रं सर्व शत्रु बाधा नाशय नाशय फट
उक्त मंत्र में अमुक के स्थान पर सौतन का नाम लें। यह साधना निरंतर तीन दिन करने के उपरांत यंत्र को घर के पूजा स्थल में स्थापित कर दें, मूंगे की माला तथा सौतन का चित्र किसी सुनसान स्थान में गड्ढा खोदकर दबा दें। इस साधना का त्वरित परिणाम होता है।
किसी को आकर्षित करने के टोटके
किसी भी स्त्री या पुरुष को अपने वश में करने के लिए आप थोड़ा सा गाय का घी, गो मूत्र, सरसों और पान रस को लेकर एकसाथ पीस लें. अब इसके बाद इसे अपने शरीर बार लगा लें. ये उपाय आपके लिए बहुत ही उपयोगी होगा और आप जिस किसी को आकर्षित करना चाहेंगे वह आपके प्रभाव में आ जायेगा. किसी को आकर्षित करने के उपाय में ये उपाय सर्वश्रेष्ठ है| आप किसी को आकर्षित करने के उपाय करके सात दिन में भी वशीकरण कर सकते हैं. इस उपाय में आपको गाय का घी लेकर कुछ कनहर के फूलों में मिला दें. अब वशीकरण यन्त्र को सामने रखकर मन्त्र का जाप करें. इसके बाद जिस भी व्यक्ति का आप वशीकरण करना चाहते हैं उसका नाम 108 बार लें. ये प्रयोग मात्र 7 दिनों में आपको असर दिखाने लगेगा|
किसी स्त्री या लड़की को अपनी प्रेम से वशीभूत करने के लिए आप एक निर्दोष शंख लेकर आ जाएँ. अब इस शंख में आप पानी भरकर एक लकड़ी से बने स्टूल पर रखें. अब इस स्टूल के सम्मुख रहते हुए आप मन्त्र का पाठ करें. मन्त्र इस प्रकार है – ओम नम: रुद्राय बरं बरं बरं वशम कुरु कुरु स्वः! इस मंत्र से अभिमंत्रित करने के बाद शंख के जल को जिस भी स्त्री को आप आकर्षित करना चाहते हैं उसे पिला दें. इस उपाय से आपको शीघ्र ही लाभ देखने को मिलेगा|
किसी को आकर्षित करने के उपाय
आप किसी को आकर्षित करने के उपाय के अंतर्गत नारियल का भी प्रयोग कर सकते हैं. एक नारियल के बाहर के छलके को सावधानी पूर्वक निकाल दें. इसके बाद इसमें चाकू से एक छेद करके इसके अंदर घी भर दें. घी भरने के बाद छेद को आंटे से भर दें और आग में रखकर पका लें. ये उपाय करने से आपकी आकर्षण शक्ति बढ़ जाएगी और आप जिस किसी को आकर्षित करना चाहेंगे वह आपसे प्रभावित हो जायेगा|
लड़की को अपनी ओर आकर्षित करने का उपाय
आप किसी युवती या लड़की को अपनी ओर आकर्षित करने का ये उपाय करने पर चमत्कारिक परिणाम देख सकते हैं. किसी को आकर्षित करने के उपाय में आप स्त्री को आकर्षित करने के लिए उसके कपड़े या बायें पैर वाले मौजे को लेकर उसे खरल में रखकर कूटें. इस तरह कूटने पर जब कपड़ा तार-तार हो जाए तो उसमे अपनी अनामिका उंगली का खून और पांच लौंग मिला कर पीस दें. अब इस कपड़े से बत्तियां बना कर रख लें| इन बत्तियों को चमेली के तेल वाले दिए बना कर उसमें जला दें. अब भैरवी चक्र बना कर मंत्र जाप करें. इस उपाय में हर दिन आपको 1188 बार मंत्र जाप करना है. ये प्रयोग लगातार 21 दिन तक करने में आपको काफी अच्छा असर देखने को मिलेगा|
आप किसी स्त्री को आकर्षित करने के लिए मन्त्र का सहारा ले सकते हैं. आप एक छोटे मन्त्र – ह्रीं’ का जाप करने पर भी वशीकरण का प्रभाव पैदा कर सकते हैं. इस मन्त्र का प्रयोग करने के लिए आप पीली सरसों या राई लेकर इस मन्त्र को पढ़ते हुए उसे अभिमंत्रित करें और इसके बाद उस स्त्री के ऊपर डाल दें जिसे आप अपने प्रेम से वशीभूत करना चाहते हैं|
आकर्षण के लिए आप शाबर वशीकरण मन्त्र
आकर्षण के लिए आप शाबर वशीकरण मन्त्र का भी प्रयोग कर सकते हैं. शाबर वशीकरण मंत्र के द्वारा कामदेव की उपासना की जाती है. कामदेव ऊर्जा और सौन्दर्य के देवता हैं. इसलिए अगर आप कामदेव को मना लेते हैं तो आपका काम बहुत ही आसन हो जाता है. कामदेव की उपासना से अद्भुत शारीरिक आकर्षण और यौन शक्ति बढ़ती है. अगर आप कामदेव को प्रसन्न कर लेते हैं तो किसी का भी वशीकरण या किसी को आकर्षित करने के उपाय बहुत ही आसन हो जाते हैं.
आप शाबर वशीकरण मंत्र का प्रयोग अच्छे उद्देश्य प्राप्ति के लिए ही करें. शाबर वशीकरण मंत्र इस प्रकार है –
ओम नमो भगवते कामदेवय यस्य यस्य द्रश्यो भवामी
यस्य यस्य मं मुखम पस्चति तं तं मोह्यातु स्वः!
अगर आप किसी स्त्री को अपनी ओर आकर्षित करना चाहता हैं तो ये टोटका करें. आप किसी शनिवार के दिन एक सुन्दर पुतली बना लें या ख़रीद कर ले आयें. इस पुतली के ऊपर पेट पर स्याही से उस स्त्री का नाम लिख दें जिसका आप वशीकरण करना चाहते हैं. अब इस लिखे हुए नाम को उस स्त्री के सम्मुख जा कर उसे दिखा दें. इस आसन से प्रयोग को करने पर आपको अद्भुत परिणाम मिलने लगेगा. वह स्त्री आपके प्रेम में पड़ जाएगी और आपका उद्देश्य सफल हो जायेगा.
कभी-कभी कोई व्यक्ति आपकी जीवन में ऐसा भी आ जाता है कि वह आपको अकारण ही परेशान करने लगता है. आपका उससे कोई प्रयोजन नही होता फिर भी वह आपके कामों में टांग अड़ाने की कोशिश करता रहता है. इस तरह के लोगों को वश में करने के लिए एक आसन सा उपाय करें. इसके लिए आप एक भोजपत्र का छोटा हिस्सा लें. अब इसके ऊपर उस आदमी का नाम लिख दें जो आपको परेशान कर रहा है. इसके बाद एक छोटी सी डिबिया लेकर उसमे थोड़ा सा शहद डाल और इस भोजपत्र को उसके अंदर डाल दें. इस छोटे से उपाय को करने पर आप देखेंगे कि आपको परेशान करने वाला वह व्यक्ति एकदम शांत हो गया है और मित्रवत व्यवहार करने लगा है|
किसी व्यक्ति के प्यार को पाने के लिए या उसका विश्वास बनाये रखने के लिए आपको अपनी ओर से ईमानदारी से प्रयास करने चाहिए. आपको इन किसी को आकर्षित करने के उपाय करने पर मन में उस व्यक्ति के प्रति प्रेम तथा ईश्वर में अटूट श्रद्धा रखनी चाहिए|
इत्र के वशीकरण टोटके
तंत्र साधना में इत्र को बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है. तंत्र साधना में इत्र से वशीकरण एक महत्वपूर्ण विद्या है. तंत्र शास्त्र के अनुसार इत्र के प्रयोग ही मनुष्य ही नही देवताओं का भी वशीकरण किया जा सकता है. अगर आपको जीवन में किसी कामना की पूर्ति में आपको कोई रूकावट आ रही है तो आप इत्र से वशीकरण कर लाभ प्राप्त कर सकते हैं|
इस से वशीकरण करने के उपाय
अगर आपके पास पैसे टिक नही पाते हैं या आप लाख कोशिश करें तब भी आपको आर्थिक लाभ नही हो पा रहा है तो आप ये टोटका करें. आप एक भूरे रंग का पर्स ख़रीद लें. अब चार नोट लेकर इन पर चन्दन का इत्र लगा दें और अपने पर्स के भीतर रख लें. इन नोटों को कभी भी खर्च न करें बस आपने पर्स में ही बचत के रूप में रखे रहने दें. इस इत्र वशीकरण के प्रयोग से आपके धन संबंधी समस्याएं दूर होने लगेंगी और धन आपके पर्स में बढ़ने लगेगा. अगर आप किसी देवी या देवता को प्रसन्न करना चाहते हैं तो उनके मंदिर में जाकर आप कपूर, चंपा, चन्दन, चमेली, केवड़ा आदि का सुगंधित इत्र अर्पित करें. ऐसा करने से देवी-देवता प्रसन्न होते हैं और शीघ्र ही आपकी मनोकामना की पूर्ति करते हैं.
इत्र से वशीकरण करके आप अपने कार्यालय में भी सफलता प्राप्त कर सकते हैं. अगर आप चाहते हैं कि कार्यालय के सभी कर्मचारी और आपके बॉस का रवैया आपके प्रति सहयोगात्मक हो तो आप कार्यालय के लिए निकलते समय रातरानी, चन्दन या मोगरे का इत्र लगायें. घर में पति पत्नी के बीच कलह या आर्थिक तंगी होने लगे तो आपको शुक्ल पक्ष में किसी शुक्रवार के दिन माता लक्ष्मी की पूजा करके सौन्दर्य वस्तुएं और इत्र भेंट करना चाहिए. इस प्रयोग से माँ लक्ष्मी के कृपा आप पर बनी रहेगी और पति-पत्नी के बीच प्रेम बढ़ जाएगा. इस प्रयोग से घर में धन की अपार वृद्धि होगी. अपने पति की आयु को बढ़ाने के लिए सुहागिनों को सिंदूर, चने की दाल, इत्र और केसर का दान करना चाहिए| आपको अपने शयन कक्ष में लाल गुलाब और चमेली का इत्र प्रयोग करना चाहिए. इस तरह के इत्र के प्रयोग से आपके दाम्पत्य जीवन में मधुरता आ जाएगी.
इत्र वशीकरण प्रयोग
घर में पति पत्नी के बीच शांति बनाये रखने के लिए बुधवार को कम से कम 3 घंटे तक मौन रखें. किसी शुक्रवार के दिन साबूदाने से बनी में मिस्त्री डालकर पति और घर से सभी सदस्यों को खिलाएं. इसके बाद किसी मंदिर में जाकर थोड़ी सी खीर चढ़ा दें और थोड़ा सा इत्र भी अर्पित करें. थोड़ा सा इत्र अपने घर में भी रखें. इस प्रयोग से घर में शांति और प्रेम बना रहेगा.
जिन लोगों को अपने प्रेम विवाह में अड़चनों और बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है उनको ये उपाय करना चाहिए. किसी मंदिर में सफेद रंग के वस्त्र धारण करके जाएँ और वहां पर चमेली या गुलाब का इत्र अर्पित करें. इस प्रयोग से प्रेम विवाह में आने वाली सभी बाधाएं दूर हो जायेंगी| अपने रोजगार या व्यापार में तरक्की के लिए शुक्रवार के दिन लक्ष्मी सूक्तं के साथ माँ लक्ष्मी को इत्र का अर्पण करें. विधि पूर्वक माँ की पूजा करने के बाद थोड़ा सा इत्र अपने ऊपर लगा लें. पूजा में रखे इत्र को लगाकर प्रतिदिन नौकरी या व्यापार के लिए निकलें. इस प्रयोग से आप अपने जीवन में अभूतपूर्व लाभ प्राप्त करेंगे.
अगर आप चाहते हैं कि आपके घर में धन-दौलत में कभी कमी न हो तो ये प्रयोग करें. आप किसी मंगलवार के दिन हनुमान जी के मंदिर जा कर उन्हें चमेली के तेल का प्रयोग से चोला भेंट करें. अब केवड़े का इत्र लेकर हनुमान जी की मूर्ति पर छिड़क दें. हनुमान जी को गुलाब के फूलों की माला भेंट करें और गुड़ और चने को पान के पत्ते पर ले कर उन्हें अर्पित करें. अब आप हनुमान जी को अर्पित की गई माला से एक गुलाब का फूल तोड़ लें और इसे तिजोरी में रखें. इस आसन से उपाय से आपकी तिजोरी हमेशा भरी रहेगी.
इत्र के टोटके
जिन लोगों का जन्म बुध नक्षत्र में हुआ है या बुधवार के दिन हुआ है उन्हें चमेली के तेल को बुधवार के दिन पीपल के पेड़ पर छिड़काना होगा. इस इत्र से वशीकरण प्रयोग से आपको विशेष लाभ होगा| धन की अचानक हुई हानि से उबरने के लिए आप इत्र के प्रयोग से वशीकरण कर सकते हैं. इसके लिए आपको सात सुहागिनों को लगातार सात शुक्रवार लाल वस्तु उपहार में दें और उसमे इत्र भी रख दें. इस उपाय से आप शीघ्र ही धन हानि से उबर जायेंगे. धन संबंधी सभी समस्याओं से मुक्ति के लिए दीवाली के दिन लक्ष्मी पूजन में तीव्र सुगंध वाले इत्र का उपयोग करें. अच्छे और सुगंधित इत्र के प्रयोग से माँ लक्ष्मी शीघ्र ही प्रसन्न हो जाती हैं| अगर राहु का प्रभाव आप पर उचित नही है तो आपको नहाने के पानी में चन्दन का इत्र डालकर स्नान करें. घर की टायलेट और नहाने के स्थान को शुद्ध रखने से भी राहु का हानिकारक प्रभाव समाप्त हो जाता है.
इत्र से वशीकरण करके आप अपनी प्यार, मानसिक शांति, धन आदि में अपूर्व सफलता प्राप्त कर सकते हैं. जब भी आप इत्र के प्रयोग से वशीकरण करें आप पूरे आत्मविश्वास और श्रद्धा के साथ करें. मन में श्रद्धा और विश्वास से किया गया हर प्रयास आपको सफलता दिलाएगा. इत्र का प्रयोग करते समय ध्यान रहे कि आप इत्र लगा कर सुनसान जगह या जंगल में न जाएँ. ऐसा करने से भूत-प्रेत का आप पर प्रभाव पड़ सकता है. इसके अलावा रात में इत्र लगाकर सोना भी हानिकारक होता है. इसलिए इत्र से वशीकरण के नियमों का पालन अवश्य करें|
खाली नहीं जाते काली हल्दी के टोटके
काली हल्दी के उपाय करने से पहले काली हल्दी की पहचान करना बहुत ज़रूरी होता है. आप काली हल्दी के पौधे को देखकर इसकी पहचान कर सकते हैं. इसकी पत्तियां लम्बी होती है और उनके बीचों-बीच एक काली लकीर होती है. आप काली हल्दी को किसी पंसारी की दुकान से प्राप्त कर सकते हैं. काली हल्दी अपने तांत्रिक प्रयोगों के कारण बहुत प्रसिद्ध है. काली हल्दी से किया गया कोई भी टोटका या उपाय निश्चित ही अपना असर दिखता है. इसलिए जो भी व्यक्ति इसका प्रयोग करता है उसे इसके परिणामों के बारे में एकदम निश्चिंत हो जाना चाहिए.
छोटे बच्चे को अगर नज़र लग जाती है तो आप काले कपड़ा लेकर उसमें काली हल्दी बाँध दें. अब इसे बच्चे के सिर से 7 बार उतारा देकर नदी में बहा दें. इस प्रयोग से बच्चे पर से बुरी नज़र का साया हट जाएगा. घर में अगर कोई सदस्य बीमार है तो आप काली हल्दी का ये प्रयोग ज़रूर करें. आप दो आटें के पेड़े बनाकर उसमें गुड़, चने की दाल और पीसी हुई काली हल्दी दबाकर बीमार व्यक्ति के शरीर से 7 बार उतारा दें और किसी गाय को खिला दें. इस काली हल्दी के टोटके को लगातार 3 गुरुवार करने से बीमारी से मुक्ति मिल जाएगी.
काली हल्दी के प्रयोग
कई लोग अपने जीवन में बहुत सारा धन अर्जित करते हैं लेकिन फिर भी धन उनके घर में टिक नही पाता है. अगर आपके घर में भी ये समस्या है तो आपको ये उपाय करना चाहिए. आप शुल्क पक्ष के पहले शुक्रवार के दिन नागकेशर, सिंदूर और काली हल्दी किसी चांदी की डिबिया में रखकर माँ लक्ष्मी के चरणों से स्पर्श करा के अपनी तिजोरी में रख दें. ये प्रयोग करने से आपके घर में पैसा टिकने लगेगा. काली हल्दी के टोटके गृह दोष की समस्या से निपटने के लिए भी बहुत उपयोगी होते हैं. गुरु या शनि की बुरी स्थिति से निपटने के लिए जातक को शुक्ल पक्ष के पहले गुरुवार से प्रतिदिन काली हल्दी पीस कर उससे तिलक करना चाहिए. इससे गृह दोष को मिटेगा ही आपके लिए धन की बचत के अवसर भी खुल जायेंगे.
अगर आपके व्यापार में पर्याप्त मेहनत करने पर भी आपको सफलता नही मिल रही है तो आप शुक्ल पक्ष में पहले गुरुवार के दिन 11 सिद्ध किये गोमती चक्र, चांदी का एक सिक्का, काली हल्दी और 11 अभिमंत्रित कौड़ियों को एक पीले रंग के कपड़े में बांध लें. अब आप इसके सम्मुख बैठकर ‘ ओम नमो भगवते वासुदेव नम:’ इस मन्त्र का 108 बार उच्चारण करें. मन्त्र का उच्चारण पूरा होने पर इस पोटली को अपने ऑफिस या व्यवसाय की जगह पर रख दें. इस काली हल्दी के टोटके से आपका व्यापार तेज़ गति से तरक्की करने लगेगा. धन की प्राप्ति के लिए आप दीवाली के दिन लक्ष्मी पूजा में काली हल्दी के साथ एक चांदी का सिक्का पीले कपड़ों में रखें. इस उपाय से आप पर माँ लक्ष्मी की कृपा वर्षभर बनी रहेगी.
काली हल्दी के तांत्रिक उपाय
अगर आपके कारखाने में मशीने बार-बार ख़राब हो रही हैं तो आप केसर और काली हल्दी को गंगा जल छिड़क कर लेप तैयार कर लें. इस लेप से मशीनों के ऊपर स्वस्तिक का चिन्ह बना दें. ऐसा करने से आपको इस समस्या से मुक्ति मिल जायेगी. मिर्गी या पागलपन से पीड़ित व्यक्ति का इलाज़ करने के लिए काली हल्दी को कटोरी में रखकर लोभान की धूप दें. अब कटोरी में से के टुकड़ा हल्दी का लेकर उसे एक धागे में पिरोकर मिर्गी से पीड़ित व्यक्ति के गले में टांग दें. कटोरी की हल्दी को पीसकर चूर्ण बना लें और इसे पानी में डालकर मरीज को पिलाते रहें. इस उपाय से मिर्गी से रोगी को राहत मिलती है. इस प्रयोग को किसी शुभ मुहूर्त में करने से मिर्गी, अनिंद्रा और मानसिक रोगों से राहत मिलती है.
अगर आप चाहते हैं कि आपको अपूर्व मात्रा में धन प्राप्त हो तो आप काली हल्दी के टोटके के अंतर्गत ये उपाय गुरु पुष्य नक्षत्र में ज़रूर करें. आप एक लाल कपड़ा लें और इसमें काली हल्दी, कुछ सिक्के और सिंदूर रखकर लपेट दें. इस इस कपड़े को अपनी तिजोरी के भीतर रख दें. इस प्रयोग को करने पर आपको अपने धन में आश्चर्यजनक वृद्धि देखने को मिलेगी. काली हल्दी को वशीकरण तंत्र में भी प्रयोग किया जाता है. किसी भी व्यक्ति को अपनी ओर आकर्षित करने के लिए काली हल्दी में अपनी कनिष्ठा उंगली से रक्त निकाल कर उसमे मिला दें और उसका तिलक करें. इस तरह से तिलक ल
गाने वाले व्यक्ति के शरीर में अद्भुत आकर्षण की शक्ति उत्पन्न हो जाती है.
काली हल्दी के टोटके
अगर आप किसी स्त्री या पुरुष जिससे आप प्यार करते हैं उसे आकर्षित करना चाहते हैं तो काली हल्दी के टोटके के अंतर्गत ये प्रयोग ज़रूर करें. आप काली हल्दी, सफ़ेद चन्दन, श्वेतार्क, गोरोचन, मूल, हरसिंगार की जड़ और पान को लेकर पत्थर पर अच्छे से पीस लें. अब इसके लेप को किसी डिबिया में भरकर रख लें. जब भी आप किसी व्यक्ति पर वशीकरण करना चाहते हो, उसके सम्मुख इस लेप से तिलक लगाकर जाएँ. इस टोटके से उस व्यक्ति पर आपका वशीकरण हो जायेगा और वह आपके अनुरूप कार्य करने लगेगा.
घर को बुरी नज़र, बाधा, टोनों, टोटकों के प्रभाव से बचाने के लिए हनुमान मंदिर से लायी गयी हवन की विभूति, काली हल्दी, रक्त चन्दन, श्वेतार्क मूल आदि मिलाकर एक लेप तैयार कर लें. अब इस लेप से घर के मुख्य द्वार और बाकी सभी द्वार पर स्वस्तिक का चिन्ह बना दें. इस उपाय को करने से आपका घर हर तरह की बुरी नज़र से बचा रहेगा. काली हल्दी के उपाय हर तरह की बाधाओं से रक्षा करने तथा मनोकामना पूर्ति में सहायक होता है. आप काली हल्दी के टोटके इश्तेमाल करके अपने आर्थिक, मानसिक, शारीरिक समस्याओं का समाधान कर सकते हैं इसके अलावा घर में सुख-सम्रद्धि के लिए भी इसका प्रयोग आपको बहुत अच्छा परिणाम देगा.
पति पत्नी के बीच झगड़े मुक्ति टोटके
परिवार विवाद का समाधान–
अगर पति और पत्नीकुछ समस्याओं से संघर्ष कर रहे हैं, तो उन्हेंउनके विरोध को हल करने के लिए”तयाश्री महामृत्युंजय ” मंत्र जाप करना चाहिए। मंत्र इस प्रकार है: “ऊँ हौं जूं स: अथवा ऊँ जूं स: और ऊँ नम: शिवाय”! दोनों व्यक्ति इन दो मंत्रों को किसी भी शुक्ल पक्ष के पहले सोमवार पर जाप कर सकते हैं। यदि व्यक्ति इस मंत्र को भगवान शिव जी के मंदिर में जप करेगे तो शुभ परिणाम प्राप्त करेंगे। अगर आप शिव मंदिर में मंत्र जाप करने में सक्षम नहीं हैं, तो आप इस मंत्र का एकांत में जाप कर सकते हैं। अगर पति इस मंत्र का उचार करे यह परिवार के लिए ज्यादा अच्छा होगा। यह मंत्र जाप कम से कम 21 दिनों के लिए अनिवार्य है।
स्नेह और प्यार बढ़ाने के लिए उपचार–
कभी कभी प्यार और विवाहित जीवन के स्नेहप्रभावित हो जाते है , और दोनों पति और पत्नी एक दूसरे की बुरी आदतों को महत्व देने लगते है | यह सुखी विवाहित जीवन के लिए एक अच्छा संकेत नहीं है। क्योंकि जब भी विवाहित जीवन में ऐसी स्थिति पैदा होती है, यह विरोध और विवाद के लिए नेतृत्व कर सकते हैं। पत्नी को इस स्थिति पर काबू पाने और उनके बीच प्यार बढ़ाने के लिए यह उपाय करना चाहिए। विशिष्ट परिस्थितियों में, इस उपाय को पति द्वारा किया जा सकता है।
- इस उपाय को करने के लिए किसी विशेष तरीके की आवश्यकता नहीं है। इस उपाय को रात 9 से 12 के बीच में किया जाता है।पूर्व दिशा की ओर एक शांतिपूर्ण जगह में इस मंत्र का जाप करे। 5 से 11 बार इस मंत्र का जाप करे । आप शुक्ल पक्ष में किसी भी दिन पर इस मंत्र का उच्चारण शुरू कर सकते हैं। इस मंत्र का जाप 21 या 31 दिनों के लिए करना होगा। इस मंत्र से आप और आपके पति या पत्नी के बीच प्यार बढ़ाने में मदद मिलेगी। मंत्र इस प्रकार है:
“ऊँ महायक्षिणी मम पति वशमानय कुरु कुरु स्वाहा”!
यह मंत्र पति और पत्नी के वैवाहिक जीवन में प्यार और सुख में वृद्धि करने के लिए बहुत शुभ है। इसलिए सभी उपचार पूरी आस्था और भक्ति के साथ कीजिए। जबकि इन उपचारो से, पति या पत्नी के कारण जो अपने विवाहित जीवन में विरोध और मतभेद उत्पन्न हुए है उन्हें अपनी गलती नहीं दोहराने के लिए एक संकल्प लेना चाहिए।
- अपने घर की फर्श को प्रतिदिन नमक के पानी से साफ़ कीजिए | इससे कहा जाता है की जितना साफ़ घर रहेगा उतनी ही सफाई रिश्ते में आएगी|
- गुरुवार या शुक्रवार की मध्यरात्रि (12 बजे) पर पति की छोटी (पति की चोटी के कुछ बाल काट लें) से कुछ बाल काट लें और उन्हें जहां पति उन्हें देख नहीं सकते हैं ऐसे स्थान पर रखें। ऐसा करने से, आपके पति के व्यवहार में कुछ सुधार आएगा, और फिर वह आप का पालन करना शुरू कर देंगे। और कुछ दिनों के बाद इन बालो को घर से बाहर फेंक दीजिए।
- (ॐ महायक्षिणी पति मेम वश्यम कुरु कुरु स्वाहा) पत्नी अपने नियम के अनुसार उपरोक्त मंत्र दीपावली की रात या ग्रह (दोनों सौर चंद्र) के दौरान सशक्त बनाना चाहिए ताकि इसके बाद इस रिश्ते के मुद्दों को मिलनसार और एक दूसरे के बीच प्यार को बढ़ावा देने के लिए उपयोग करना चाहिए।
- एक और उपाय यह है कि पट और पत्नी गौरी शंकर रूद्राक्ष पहने, एक ही रूद्राक्ष पहनने से रिश्ते में वृद्धि होगी और जुनून भी बढेगा।
- पत्नी को अपने पति के दाहिने तरफ सोना चाहिए और एक ही तकिये का उपयोग करना चाहिए |
- आपके चयनकक्ष का रंग हरा एवं गुलाबी होना चाहिए | गाड़े रंग का इस्तेमाल ना करे |माना जाता है की जितना हल्का रंग आपके कक्ष का होगा उतनी ही गहराई आपके रिश्ते में होगी|
- पति और पत्नी पीले रंग के फूल हर शुक्रवार को ख़रीदे और याद रहे की गुलाब के फूल ही ख़रीदे एवं उसको अपने चयनकक्ष में रखे|
- अपने कक्ष की दीवार पर भगवान की तस्वीर ना लगाए और उसकी जगह बहते हुए पानी की तस्वीर लगाए|
- अपने और अपने पति के एक नियमित रूप से इस्तमाल किये जाने वाले कपडे को सुहागिन स्वीपर को दान करें। इस उपाय का उपयोग त्वरित परिणाम दिखाएगा। इस उपाय को करने के बाद पति और पत्नी के बीच संबंध मजबूत हो जाएगे और कोई भी इस उपाय में कटौती कर सकते हैं।
- एक और अधिक उपाय यहाँ है जिसके द्वारा आपके संबंध पहले से कहीं ज्यादा मजबूत हो जाएगी। किसी भी सोमवार को मां दुर्गा के एक मंदिर में लिए जाए और पूजा अर्चना कीजिए। शुद्ध घी और केसर का दीप जलाए,चंदन की अगरबत्ती जलाए, भगवान को सिन्दूर अर्पित कीजिए। और उसके बाद सिंदूर वापस अपने घर के लिए ले लो और नियमित रूप से इसका उपयोग करो। यह उपाय करने से आपका रिश्ता बेहतर हो जाएगा।
- अंतिम औरबहुत प्रभावी पति पत्नी प्रेम समस्या उपाय है और आप के लिए लाभदायक भी है। किसी भी शुक्रवार को शाम में स्नान ले और हल्के कपड़े पहने। पूजाघर के स्थान पर विधीअनुसार पूजा कीजिए। अबआपको रोटी बनानी है अगर यह उपाय पत्नी कर रही है तो उसे यहचपाती बनानी होगी।और अगर पति इस उपाय को कर रहा है, तो वह अपनी पत्नी से चपाती ले। चपाती पर घी, पनीर ,चीनी और दालचीनी डालले। अब रोटी को हाथ में पकड़ अपने शरीर का एक चक्कर, अब यह करने के बाद एक गाय को खिला दे। आप देखेंगे इस उपाय को करने के बाद तुरंत परिणाम मिलेगा और अपने रिश्ते में कोई समस्या नहीं होगी।
इन निम्नलिखित उपायों से पति – पत्नी के बीच की कड़वाहट और सकारात्मक उर्जाए सभी समाप्त हो जाएगी और आप एक मंगलमय जीवन अपने जीवन साथी के साथ जिएगे |
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